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Thursday, December 8, 2022
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    एक जुलाई से हरियाणा में बैन होंगी प्लास्टिक की यह चीज़ें, चम्मच-गिलास से लेकर इन 19 चीजों पर लगा प्रतिबंध

    सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर प्रशासन काफी सजग है। यह पर्यावरण प्रदूषण का एक मुख्य कारण भी है। इस वजह से सरकार और प्रशासन काफी सख्ती दिखा रही है। सरकार समय-समय पर लोगों को इसके नुकसान के बारे में जागरूक करती रहती है। इसको लेकर प्रदेश सरकार ने बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब से हरियाणा के बाजारों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों पर जुर्माना और चालान काटा जाएगा। केंद्र सरकार की तरफ से इसको लेकर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।

    बता दें कि प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक पूरी तरह से बैन हो जाएंगे। इसके लिए जिला स्तर पर नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, कैंटोनमेंट बोर्ड में काम करने वाली एनजीटी से लेकर डीपीसीपी के अलावा जिला स्तरीय अधिकारियों को प्रवर्तन टीम के रूप में बाजारों में जुर्माने और चालान की कार्यवाही करनी होगी।

    साथ ही लोगों को जागरुक भी किया जाएगा। केंद्र से आदेश जारी होते ही नगर परिषद अंबाला सदर की स्वच्छ भारत मिशन की टीम ने जगह-जगह प्लास्टिक का इस्तेमाल न करने के जागरुकता संबंधी बोर्ड लगाने शुरू कर दिए है।

    लगेगा 25000 का जुर्माना

    राज्य सरकार की तरफ से 25 फरवरी को अधिसूचना जारी की गई थी। 1 जुलाई से प्रदेश में 2019 की तरह ही सिंगल यूज प्लास्टिक से बने आइटम और 75 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पॉलीथीन पूरी तरह बैन होंगे। अगर कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करता पाया गया तो उस पर 500 से 25000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

    इन अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी

    सरकार की तरफ से कार्यवाही करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट, नगर निगम आयुक्त, जिला नगरपालिका आयुक्त, अपर आयुक्त, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम सहायक आयुक्त, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, सहायक खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, जिला नगर योजनाकार, संपदा अधिकारी एचएसवीपी, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, क्षेत्रीय अधिकारी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।

    सरकार के सामने आई यह चुनौती

    केवल दुकानों में ही नहीं बल्कि कई दवा निर्माता कंपनियां भी तरह-तरह के प्लास्टिक का इस्तेमाल पैकिंग के लिए करती हैं। अब इन पर बैन लगाना एनजीटी और केंद्र के लिए एक अहम चुनौती है। क्योंकि अभी बाजारों में प्लास्टिक की पैकिंग में दवा से लेकर मेडिकल में प्रयोग होने वाली वस्तुएं बड़ी तादाद में पहुंच चुकी है।

    ऐसे प्लास्टिक होंगे बैन

    बता दें कि जिस प्लास्टिक को सरकार ने पूरी तरह बैन किया है उनमें प्लास्टिक की डंडियों वाले ईयर बड, बलून स्टीक, प्लास्टिक के झंडे, लॉलीपॉप की डंडी, आइसक्रीम की डंडी, थर्माकोल के सजावटी सामान, प्लेट, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, प्लास्टिक की चाकू और मिठाई के डिब्बों पर लगने वाली प्लास्टिक शामिल है।

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