39 C
Delhi
Sunday, May 22, 2022

लाख राशन दे या बनवा दे मकान मुस्लिम मतदाता ने साबित किया कि वें हमेशा भाजपा विरोधी रहेंगे

उप्र चुनाव में विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आंकड़ों पर नजर डाली आये तो मुस्लिम बाहुल्य ७१ सीटों में से ६७...
More

    Latest Posts

    हरियाणा-दिल्ली NCR से लद्दाख जाना अब होगा आसान, शुरू हुई स्पेशल बस सर्विस, जानें किराए से लेकर टाइमिंग तक सब कुछ

    गर्मी के दिनों में हर किसी का मन पहाड़ों पर जाने के लिए करता है। लेकिन कई बार जितनी खूबसूरत मंजिल...

    तीसरा बच्चा पैदा करने पर 11 लाख का बोनस और साल भर की छुट्टी, पढ़ें क्या है यह नई पॉलिसी

    एक ओर जहां भारत में बढ़ती हुई जनसंख्या (Population Explosion) एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है, वहीं पड़ोसी देश चीन में बुजुर्गों की...

    इस योजना के तहत प्रदेश की बेटियों को सरकार देगी 25000 रुपए, ऐसे उठाएं लाभ

    बेटियों की शिक्षा के लिए केंद्र सरकार और राज्य की सरकारें कई तरह की योजनाएं लाती रहती हैं। ऐसी ही राज्य सरकार...

    10वीं पास, ग्रेजुएट युवाओं के लिए बिजली विभाग में निकली भर्तियां, ऐसे करें अप्लाई

    तेलंगाना स्टेट साउदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TSSPDCL) में जूनियर लाइनमैन, जूनियर इंजीनियर और सब इंजीनियर पदों पर नौकरियां हैं। इन पदों...

    सब्जी बेचने वाले के बेटे ने लिखी सफलता की इबारत, UPSC में प्राप्त किया 8वां स्थान

    अब एक सब्जी बेचने वाले के बेटे ने मिसाल कायम किया है। महाराष्ट्र के सोलापुर में खेत में मजदूरी करके पेट पालने वाले के बेटे ने कामयाबी की नई इबारत लिखी है। मजदूर का बेटा शरण कांबले यूपीएसी की परीक्षा में ना सिर्फ प्रथम श्रेणी में पास हुआ है।

    बल्कि उसने देशभर में आठवां स्थान भी हासिल किया है। शरण के इस सफलता के बाद गांववाले खूब खुश हुए। और शरण की इस खुशी में पूरे गांव में जुलूस निकाला। शरण ने बताया कि उनका घर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है।

    उनके माता-पिता जैसे-तैसे घर चलाते थे। शरण के मुताबिक उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे दिन भी देखे हैं जब उनके पूरे परिवार को भूखे पेट दिन गुजारने होते थे। शरण ने बताया कि उन्होंने जिन हालातो में पढ़ाई पूरी की और उनके माँ बाप की कठिन मेहनत की वजह से आज वो इस मुकाम पर है।

    इसके साथ ही उनकी मेहनत और पढ़ाई की संकल्प के चलते ही उनके बड़े भाई की भी बीटेक की पढ़ाई कंप्लीट हुई और उन्हें जॉब प्राप्त हुआ, जिससे उनके घर के आर्थिक स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ।

    आपको बता दे कि शरण की पढ़ाई में बाधा ना आए इसके लिए उनकी मां सब्जियां बेचती थीं और उनके पिता खेत में मजदूरी का काम किया करते थे। शरण के माता-पिता की कड़ी मेहनत और शिक्षा दिलाने के संकल्प के चलते ही शरण के बड़े भाई ने भी बीटेक किया और नौकरी हासिल की।

    कहते है न बिना मेहनत कुछ नहीं मिलता, मेहनत की वजह इंसान कुछ बन पाता है। माता पिता की मेहनत को बेटे ने बर्बाद होने नहीं दिया और अपना मुकाम हासिल किया है।

    Latest Posts

    हरियाणा-दिल्ली NCR से लद्दाख जाना अब होगा आसान, शुरू हुई स्पेशल बस सर्विस, जानें किराए से लेकर टाइमिंग तक सब कुछ

    गर्मी के दिनों में हर किसी का मन पहाड़ों पर जाने के लिए करता है। लेकिन कई बार जितनी खूबसूरत मंजिल...

    तीसरा बच्चा पैदा करने पर 11 लाख का बोनस और साल भर की छुट्टी, पढ़ें क्या है यह नई पॉलिसी

    एक ओर जहां भारत में बढ़ती हुई जनसंख्या (Population Explosion) एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है, वहीं पड़ोसी देश चीन में बुजुर्गों की...

    इस योजना के तहत प्रदेश की बेटियों को सरकार देगी 25000 रुपए, ऐसे उठाएं लाभ

    बेटियों की शिक्षा के लिए केंद्र सरकार और राज्य की सरकारें कई तरह की योजनाएं लाती रहती हैं। ऐसी ही राज्य सरकार...

    10वीं पास, ग्रेजुएट युवाओं के लिए बिजली विभाग में निकली भर्तियां, ऐसे करें अप्लाई

    तेलंगाना स्टेट साउदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (TSSPDCL) में जूनियर लाइनमैन, जूनियर इंजीनियर और सब इंजीनियर पदों पर नौकरियां हैं। इन पदों...

    Don't Miss

    मध्य प्रदेश के इस कुंड का रहस्य पता नही लगा पाए कई सारे वैज्ञानिक

    देश में कई ऐसी अद्भुत चीजें है जो काफी रहस्यमयी हैं। उन्हीं में से एक है भीभ कुंड। मध्य प्रदेश के छतरपुर...

    ब्लड शुगर के मरीज़ भी खा सकते हैं चावल, बस बदलना होगा तरीका

    डायबिटीज़ का पता चलने के बाद चीनी के अलावा जिस चीज़ पर सबसे पहले रोक लगाई जाती है वो चावल होते हैं,...

    सालों से जहाँ थी झील, वहाँ हुई गाँव की खोज, मिली कई रहस्यमयी चीजें

    कई चीजों का गवाह है इतिहास, इतिहास में कई ऐसे पन्ने हैं जिन पन्नों को आज तक हम पलट नहीं पाए, लेकिन...

    घर मे नहीं मिली जगह तो पेड़ पर ही हो गया आइसोलेट, गुज़ारे 11 दिन

    महामारी से संक्रमित होने के बाद एक 18 वर्षीय आदिवासी युवा ने एक पेड़ पर अपने लिए 'आइसोलेशन बेड' बना लिया और...

    सिविल इंजीनियर से बने “लखनऊ कबाड़ीवाला”, आज कमाते है 70 हज़ार रुपया महीना

    लॉकडाउन की वजह से हज़ारों युवाओं की नौकरियां छीन गई। इसके चलते वह खुद ही अपने पैरों पर खड़ा होकर कुछ करने...

    Stay in touch

    To be updated with all the latest news, offers and special announcements.