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Thursday, December 8, 2022
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    कैसे बनी बस कंडक्टर की बेटी एक आईपीएस ऑफिसर ? जानिए

    अगर हम मेहनत और लगन से कुछ करे तो हम किसी भी मुकाम तक पहुंच सकते है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है हिमाचल की बेटी ने जो अपने मेहनत से अधिकारी बन गयी। हिमांचल के छोटे से गाँव में पली बड़ी शालिनी अग्निहोत्री ने IPS अधिकारी बनाने का सपना देखा और कठिन परिश्रम और लगन से अपने लक्ष्य को पूरा किया। हिमांचल प्रदेश के शहर उना में एक छोटे से गाँव ठठ्ठल में रहने वाली शालिनी ने वो कर दिखाया जिसपर गांव वालों को गर्व है।

    अब शालिनी को सर्वेश्रेष्ठ आईपीएस ट्रेनी चुना गया है। 29 साल की इस लड़की का नाम शालिनी अग्निहोत्री है। शालिनी ने IPS की सर्वश्रेष्ठ ट्रेनी का खिताब अपने नाम कर लिया है। सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंड ट्रेनी ऑफिसर होने के नाते प्रधानमंत्री के प्रतिष्ठित बेटन और गृह मंत्री की रिवॉल्वर भी उन्हें ही दी गई।

    आपको बता दे कि आईपीएस अधिकारी शालिनी अग्निहोत्री एक ऐसा नाम है जो ना केवल सभी के लिए एक मिसाल है बल्कि अपराधियों का काल भी हैं।

    इनके काम करने का ढंग ऐसा है की नाम से ही नशे के कारोबारी घबराते हैं। बहुत ही साधारण परिवार में पली बढ़ी शालिनी ने कड़ी मेहनत के बाद यह मुकाम हासिल किया है। कुल्लू में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने नशे के सौदागरों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया था।

    आज के समय में शालिनी सबके लिए एक प्रेरणा बनी हुई है। उनकी लगन और मेहनत की हर जगह तारीफ हो रही है।

    आप एक और बात जानकर हैरान हो जाएंगे दरअसल IPS अधिकारी शालिनी के पिता रमेश एचआरटीसी बस में एक कंडक्टर के तौर पर काम करते हैं और उनकी मां हाउस वाइफ है। ऐसे में शालिनी का आईपीएस अधिकारी बनाना वाकई काबिलेतारीफ है। शालिनी ने न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे गांव का मान बढ़ाया है।

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