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Saturday, February 4, 2023
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    रिटायर्ड जज का रुतबा देख मन में जगी जज बनने की लौ, पहली बार में ही 9वीं रैंक हासिल कर किया सबको हैरान

    जिंदगी में कब कौन किसी से प्रभावित हो जाए कुछ नहीं पता। एक मुलाकात या सबक में ही इंसान को अपना लक्ष्य मिल जाता है। ऐसी की एक कहानी है हरियाणा के गोशाला मंडी की रहने वाली खुशी अग्रवाल की। रिटायर्ड जज के सामाजिक सम्मान से प्रभावित खुशी ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (CLAT) की परीक्षा में पूरे देश में 9वीं रैंक हासिल की है, वहीं हरियाणा में उनकी पहली रैंक है। डेढ़ साल की कोचिंग के बाद अपने पहले ही प्रयास में यह मुकाम हासिल किया।

    खुशी ने बताया कि उनके पड़ोस के एक रिटायर्ड जज का रुतबा देख उन्होंने लॉ की पढ़ाई को चुना। इसके बाद उन्होंने ठान लिया था कि वह अपने जज बनने के लक्ष्य को जरूर हासिल करेंगी। डेढ़ साल की कोचिंग के बाद खुशी ने ऑल इंडिया में 9वीं रैंक हासिल की।

    बता दें कि दसवीं की बोर्ड परीक्षा में खुशी ने 99 प्रतिशत अंक आने पर ही जज बनने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके बाद उन्होंने एसडीवीएम स्कूल में दाखिला लिया। इसके साथ ही उन्होंने कोचिंग और CLAT की परीक्षा पर फोकस रखा।

    डेढ़ वर्ष तक कॅरिअर गाइडेंस पर कोचिंग लेने के बाद उन्होंने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट के अपने पहले प्रयास में ही ऑल इंडिया नवीं रैंक हासिल की। खुशी ने बताया कि उनके पड़ोस में ही रिटायर्ड जज एलएन जिंदल रहते थे। हर कोई उनका सम्मान करता था। तब उनका रुतबा और सम्मान देखकर उन्होंने भी जज बनने की ठानी। 

    दादा ने कही दिल छू लेने वाली बात

    आपको बता दें कि दो साल पहले खुशी के दादा रिटायर्ड ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर रामकुमार गोयल ने उन्हें समझाया था कि रुपयों के लिए बेटी नौकरी कभी मत करना। नौकरी लोगों की सेवा, इज्जत और रुतबे के लिए करना। वहीं खुशी के पिता योगेश गोयल की इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स की दुकान है।

    बेटी की सफलता पर गर्व कर रहा परिवार

    पिता ने बताया कि बेटी हर रोज 12 घंटे पढ़ती थी। पढ़ाई के प्रति उनके इस लगन और मेहनत को देख उन्हें उम्मीद थी कि वह टॉप-10 में जरूर आएगी। अब वह बेंगलुरु में बेटी को पढ़ाई के लिए भेजेंगे। बता दें और रविवार को खुशी LET की परीक्षा भी देगी, जिससे दिल्ली विश्वविद्यालय में नंबर आएगा।

    बेटी की सफलता पर मां निशा गोयल ने कहा कि आखिरकार उनकी बेटी की मेहनत रंग लाई है। वहीं भाई राघव गोयल ने बताया कि खुशी को उसकी दिन-रात की मेहनत का फल मिला है।

    स्कूल प्रबंधन भी हुआ गदगद  

    CLAT में अपना परचम लहराने पर एसडीवीएम स्कूल प्रबंधन गदगद रहा। स्कूल प्रबंधन ने कहा कि महामारी के समय मुश्किल हालात में भी विद्यालय के बच्चों ने हर क्षेत्र में अपने कौशल का लोहा मनवाया।

    बता दें कि 12वीं कक्षा की कला संकाय की छात्रा खुशी अग्रवाल ने CLAT में पूरे देश में नवीं और प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। 150 अंकों की परीक्षा में खुशी ने 112.75 अंक हासिल किए हैं।

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