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Thursday, December 8, 2022
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    जानिए क्यों एक लड़की की शादी उससे उम्र में बड़े लड़के से की जाती है

    मौजूदा समय में, अगर बात कानूनी प्रावधान की करें तो, भारतीय कानून के मुताबिक, लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल और लड़कों की शादी की उम्र 21 साल है। ऐसा इसलिए क्योंकि समाज का एक बड़ा तबका मानता है कि लड़कियां जल्दी मैच्योर हो जाती हैं, इसलिए दुलहन को दूल्हे से कम उम्र की होना चाहिए।

    साथ ही यह भी कहा जाता है कि चूंकि हमारे यहां पितृसत्तात्मक समाज है, तो पति के उम्र में बड़े होने पर पत्नी को उसकी बात मानने पर उसके आत्मसम्मान को ठेस नहीं पहुंचती।

    लेकिन तमाम सामाजिक कार्यकर्ता और डॉक्टर समय-समय पर लड़कियों की शादी की उम्र पर पुनर्विचार की जरूरत बताते रहते हैं। खैर अब एक और तर्क सुनिए आप इसी उम्र की बातों को लेकर लोगों का क्या कहना है।

    बतादें, विवाह हर व्यक्ति के जीवन में एक बेहद अहम पड़ाव होता है। यह वह समय होता है जिस पर आगे का सारा जीवन निर्भर करता है। भारत जैसे देश में विवाह एक बहुत ही पुरानी और शानदार परंपरा के रुप में बरसों से चली आ रही है।

    भारत में यूं तो सभी रश्में अनूठी होती हैं पर विवाह से जुड़ी रश्में और भी शानदार होती हैं और साथ ही इनसे जुड़े रीति-रिवाज भी बहुत अलग होते हैं। विवाह नामक संस्था में वर और वधू की शादी करवाने से पहले कई तरह के कर्म-कांड और कुण्डली मिलान आदि किए जाते हैं।

    साथ ही विवाह के समय इस बात का भी खास ख्याल रखा जाता है कि वर यानि लड़का, वधू यानि लड़की से बड़ा हो, फिर वह चाहे कुछ महीने या साल ही क्यूं ना बड़ा हो। लड़के और लड़की की उम्र में ये फासला उनके भावी भविष्य को ध्यान में रखकर उनके बड़े लेते हैं।

    चाहे शादी परंपरागत रूप से माता-पिता की मर्जी से हो या आधुनिक कोर्ट मैरिज अक्सर लड़के ही लड़कियों से बड़े होते हैं। एक 25 साल के लड़के के लिए उसके माता पिता 21 या ज्यादा से ज्यादा 24 साल तक की लड़की को ही पसंद करते हैं। ऐसा आज से नहीं बरसों से होता आ रहा है।

    कभी-कभार कुछ एक कारणों की वजह से अगर लड़की लड़के से बड़ी हो तो भी चलता है पर कोशिश तो यही होती है कि लड़की उम्र में छोटी हो और लड़का बड़ा। ऐसा इसलिए नहीं होता कि भारत में पुरुष प्रधान समाज है बल्कि ऐसा लड़के और लड़की की शारीरिक और जैविक बदलावों को ध्यान में रखकर किया जाता है।

    अक्सर देखा जाता है कि लड़कियां लड़कों से पहले शारीरिक और मानसिक तौर पर परिपक्व हो जाती हैं। एक औसत 20 साल की लड़की की सोचने, समझने, धैर्य और तर्क, विचार की क्षमता एक 25 साल के लड़के के बराबर होती है। लड़कियों में शारीरिक विकास भी लड़कों की अपेक्षा ज्यादा जल्दी और तेज रफ्तार में होता है।

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