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Friday, December 9, 2022
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    सभी रिश्तों पर रखे गए है इन रेलवे स्टेशन के नाम, पर माँ के नाम पर कोई स्टेशन नहीं

    दोस्तों रिश्ते बहुत अहमियत रखते हैं हर किसी के जीवन में। जीवन है तो रिश्ते हैं, जीवन नहीं तो रिश्ते नहीं। रिश्ते हैं तो सबकुछ है, रिश्ते नहीं तो कुछ भी नहीं। रिश्तों का मतलब घर से शुरू होता है जो जाता है देश तक। समाज रिश्तों से ही बनता है। प्रेम-भाव, साथ-सौहार्द, सामंजस्य, भावना सब ऐसे अल्फाज हैं, जिन अल्फाजों को हम लेकर पैदा होते हैं। और इन्हीं अल्फाजों के साथ हम इस धरती से चले जाते हैं, रुखसत हो जाते हैं। बहुत सारे लोग जमीन पर ऐसे होते हैं जो रिश्तो की वैल्यू समझते हैं, रिश्तो की अहमियत समझते हैं, और उन्हें तवज्जो देते हैं।

    लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो रिश्तो को सिर्फ रिश्ते मानते हैं। कहने को तो रिश्ते बहुत ही नाजुक डोर से जुड़े होते हैं, बंधे होते हैं। रिश्ते बन यूं ही जाते हैं लेकिन उन्हें निभाना बहुत मुश्किल होता है।

    और सबसे बड़ी बात रिश्ते निभाने की बात अगर आए तो रिश्ते प्रेम पूर्वक निभाना बहुत अहम हो जाता है। इन्हीं रिश्तों पर कुछ और अहम जानकारियां हम आपको देने जा रहे हैं। हमारे देश में रिश्ते कायम हैं।

    हम हैं कि उन रिश्तों के नाम पर ही गांव कस्बों के नाम भी रख देते हैं। हमारे देश में कई गांव ऐसे हैं, हमारे देश में कई राज्य ऐसे हैं, जिनमें कई गांव के नाम रिश्तों के नाम पर हैं, संबंधों के नाम पर हैं।

    आज उनके बारे में हम आपको जिक्र करेंगे। लेकिन सोचने में आता है इस सृष्टि का, इस धरती का, तीनों लोगों का सबसे अहम नाम, जिसे हम मां कहते हैं, मां के नाम पर कोई भी गांव नहीं है। मां के नाम पर किसी भी गांव का, शहर का नाम नहीं है।

    यह बड़ी सोचने वाली बात है। अब हम आपको एक डिटेल बताने जा रहे हैं इस खबर के माध्यम से, जिसमें एक लिस्ट भी है, साइड भी है, एक लिंक भी है, जिसमें बहुत सारे नामों को देख सकते हैं, कि रिश्तों के नाम पर कहाँ के नाम हैं।

    बहन के नाम पर 8, पिता 6, मामा 3 और एक गांव मामी के नाम पर भी है। आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि देशभर में सैकड़ों ऐसे गांव-कस्बे हैं, जहां से इन रिश्तों की खुशबू आती है।

    इनमे सबसे ज्यादा गांव-कस्बे नाना और नानी के नाम पर हैं। दो सौ गांव-कस्बों के नाम के आगे या पीछे नाना या नानी जुड़ा हुआ है। जितने नाना उतने नानी। जिस गुजरात में मोटा भाई सबसे ज्यादा बोला जाता है, वहां 91 गांव-कस्बे नानी और 82 नाना के नाम पर हैं । इसके बाद हिमाचल प्रदेश में 4, राजस्थान में 2, उप्र और मप्र में एक-एक गांव नाना के नाम पर हैं ।

    vlist.in पर दिए गए आंकड़ों के मुताबिक नानी के नाम पर हिमाचल प्रदेश में एक, राजस्थान में 6, मप्र में 4 गांव हैं, जबकि उप्र में एक भी नहीं। खैर हमारे देश में रिश्तों से सब-कुछ जोड़कर देखा जाता है। क्योंकि रिश्तों की वैल्यू और अहमियत बहुत मायने रखती है यहां।

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