32.1 C
Delhi
Sunday, June 20, 2021

क्या आप जानते हैं महाशिवरात्रि का गृहस्थ और साधकों के लिए पूजा का अलग अलग मुहूर्त और शुभ योग

महाशिवरात्रि 2021 साल का वह पावन दिन है जिस दिन भक्त महादेव और शक्ति स्वरूपा माता पार्वती को प्रसन्न करने के लिए...
More

    Latest Posts

    20 साल में 40 बार मिला ट्रांसफर, फिर भी नही मानी इस दबंग महिला अफसर ने हार

    जी हां दोस्तों, डी रूपा, एक ऐसा नाम, जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। डी रूपा ने जब...

    सभी रिश्तों पर रखे गए है इन रेलवे स्टेशन के नाम, पर माँ के नाम पर कोई स्टेशन नहीं

    दोस्तों रिश्ते बहुत अहमियत रखते हैं हर किसी के जीवन में। जीवन है तो रिश्ते हैं, जीवन नहीं तो रिश्ते नहीं। रिश्ते...

    कुदरत के फरिश्ते: चेन्नई की 12 ट्रांसवुमेन जो गरीबो को खिलाते है भरपेट खाना

    जी हां दोस्तों बिल्कुल सही सुना आपने। जो आप पढ़ रहे हैं ये ही सच्चाई है। जिन लोगों को आम इंसान भी...

    प्रेमिका की शादी में प्रेमी पहुँचा कुल्हाड़ी लेकर, और जयमाला के समय कर दिया ऐसा काम

    एकतरफा प्यार एक-दूसरे को किसी भी स्टेज तक लेकर जा सकता है। जो लोग एकतरफा प्यार करते हैं, वो लोग हमेशा खतरे...

    इस गांव को मिल गई थी पूरे देश से 5 साल पहले आज़ादी, यहां जाने पूरी कहानी

    हम सभी जानते है कि हमारे देश को आजाद हुए 74 साल बीत गए। आज तक आजादी से जुड़े कई किस्से और कहानियां आप सबने सुने होंगे। लेकिन, आज हम आपको एक ऐसे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं, जो पूरे देश से 5 साल पहले आजाद हो गया था। इस गांव का नाम है ईसुरू, जिसने 1942 में ही ब्रिटिश शासन से अपने आप को आजाद घोषित कर दिया था।

    कर्नाटक के शिमोगा जिले में एक गांव ऐसा भी है, जिसे 1947 से पहले आज़ादी मिल गई थी। इस गांव का नाम इसुरु है इसे 1942 में आज़ादी मिल गई थी। हालांकि, चुनावी संग्राम के बावजूद नेताओं का ध्यान इसपर नहीं है।

    टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, इतिहास की किताबों में इसुरु का कोई उल्लेख नहीं है लेकिन छह बहादुर ग्रामीणों की शहादत का उल्लेख करता एक ग्रेनाइट मेमोरियल गांव में लगा हुआ है।

    आपको बता दे कि 1942 में, ईसुरू ने राष्ट्रीय ध्यान आकर्षित किया जब ग्रामीणों ने ब्रिटिश सरकार से गाँव की स्वतंत्रता की घोषणा की, जिसने उस समय भारत पर शासन किया था। 

    उन्होंने गांव को अवरुद्ध कर दिया और ब्रिटिश अधिकारियों को कर देने से मना कर दिया। उसके बाद ग्रामीणों ने 29 सितंबर 1942 को गांव के वीरभद्रेश्वर मंदिर के गुंबद पे तिरंगा लहरा कर गांव को ब्रिटिश हुकूमत से आजाद घोषित किया।

    कुछ दिनों बाद ब्रिटिश हुकूमत ने एक बड़ी फौज भेज कर गांव पे कब्जा करने की कोशिश की, जिसके चलते गांव वालो और पुलिस के बीच खूनी संघर्ष हुआ।

    बता दें कि इसुरु, शिकारीपुरा चुनावी क्षेत्र में है, जहां से बीजेपी के सीएम कैंडिडेट बीएस येदियुरप्पा भी चुनाव लड़े थे। यहां की 6,000 आबादी में 4,800 वोटर्स हैं।

    Latest Posts

    20 साल में 40 बार मिला ट्रांसफर, फिर भी नही मानी इस दबंग महिला अफसर ने हार

    जी हां दोस्तों, डी रूपा, एक ऐसा नाम, जिसके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। डी रूपा ने जब...

    सभी रिश्तों पर रखे गए है इन रेलवे स्टेशन के नाम, पर माँ के नाम पर कोई स्टेशन नहीं

    दोस्तों रिश्ते बहुत अहमियत रखते हैं हर किसी के जीवन में। जीवन है तो रिश्ते हैं, जीवन नहीं तो रिश्ते नहीं। रिश्ते...

    कुदरत के फरिश्ते: चेन्नई की 12 ट्रांसवुमेन जो गरीबो को खिलाते है भरपेट खाना

    जी हां दोस्तों बिल्कुल सही सुना आपने। जो आप पढ़ रहे हैं ये ही सच्चाई है। जिन लोगों को आम इंसान भी...

    प्रेमिका की शादी में प्रेमी पहुँचा कुल्हाड़ी लेकर, और जयमाला के समय कर दिया ऐसा काम

    एकतरफा प्यार एक-दूसरे को किसी भी स्टेज तक लेकर जा सकता है। जो लोग एकतरफा प्यार करते हैं, वो लोग हमेशा खतरे...

    Don't Miss

    सिक्योरिटी गार्ड को प्याज लहसुन के साथ चावल खाते देख पिघला लोगों का दिल, वजह जान रो पड़ेंगे आप

    सोशल मीडिया पर अक्सर कुछ ऐसी चीजें और घटनाएं सामने आती हैं, जिन्हें देखकर हमारा दिल पसीज जाता है। महामारी फैलने के...

    देश के राष्ट्रपति ने अपने पसंदीदा कुत्ते की 20 फुट लंबी सोने की मूर्ति स्थापित की है

    तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति गुरबांगुली बेर्दयमुखमेदोव ने पिछले दिनों अपने पसंदीदा कुत्ते की सोने की विशाल मूर्ति का अनावरण किया। तुर्कमेनिस्तान की राजधानी...

    3000 की लागत से शुरू किया था सलाद का बिज़नेस, आज कमाती है लाखों में

    खाने के साथ सलाद खाना एक अच्छी आदत होता है। फिर आजकल तो लोग हेल्थ को लेकर ज्यादा जागरूक भी हो गए...

    महिला को विमान के अंदर लगी गर्मी, फिर ठंडी हवा के लिए खोल दीया इमरजेंसी गेट

    आजकल विमान से सफर करना आम बात हो गया है। हर कोई विमान से सफर करना चाहता है। ऐसे में विमान से...

    पड़ोसी के दामाद ने ब्याज पर लिए थे 9 लाख रुपए, लौटाने से इनकार किया तो धरने पर बैठी विधवा महिला

    पैसों का लेनदेन ऐसा होता है कि बने हुए रिश्ते बिगाड़ देता है। कई बार तो ऐसा होता है कि पैसों की...

    Stay in touch

    To be updated with all the latest news, offers and special announcements.